सुखी और श्रेष्ठ जीवन के लिए शास्त्रों में कई नियम और परंपराएं बताई गई हैं। इन नियमों और परंपराओं का पालन करने पर अक्षय पुण्य के साथ ही धन-संपत्ति की प्राप्ति भी होती है तथा भाग्य से संबंधित बाधाएं भी दूर हो सकती हैं। यहां जानिए एक श्लोक जिसमें 6 ऐसे काम बताए गए हैं जो भाग्य को भी बदल सकते हैं.
विष्णुरेकादशी गीता तुलसी विप्रधेनव:।
असारे दुर्गसंसारे षट्पदी मुक्तिदायिनी।।
इस श्लोक में 6 बातें बताई गई हैं, जिनका ध्यान दैनिक जीवन में रखने पर सभी प्रकार की बाधाएं दूर हो सकती हैं।

1. भगवान विष्णु का श्रद्धा भाव से पूजन करना

भगवान विष्णु का श्रद्धा भाव से पूजन करना

इन 6 बातों में पहला काम है भगवान विष्णु की पूजा करना। भगवान विष्णु परमात्मा के तीन स्वरूपों में से एक जगत के पालक माने गए हैं। जगत के श्रृष्टि कर्ता, ब्रह्मा के पूजन का रिवाज नहीं. क्योंकि श्रीहरी विष्णु ही जगत के पालक हैं,  श्रीहरि ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और शांति के स्वामी भी हैं। विष्णु अवतारों की पूजा करने पर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष, सब कुछ प्राप्त हो सकता है।

2. प्रत्येक माह एकादशी व्रत रखना

प्रत्येक माह एकादशी व्रत रखना

इस श्लोक में दूसरी बात बताई गई है एकादशी व्रत। ये व्रत भगवान विष्णु को ही समर्पित है। हिन्दी पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह  में 2 एकादशियां,  एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष मेंआती हैं । दोनों ही पक्षों की एकादशी पर व्रत करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। आज भी जो लोग सही विधि और नियमों का पालन करते हुए एकादशी व्रत करते हैं, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

3. श्रीमदभागवत गीता का नियमित पाठ करना

श्रीमदभागवत गीता का नियमित पाठ करना

मान्यता है कि श्रीमद् भागवत गीता भगवान श्रीकृष्ण के मुख से निकली हुई वाणी है और यह श्री कृष्णा का ही साक्षात् ज्ञानस्वरूप है। जो लोग नियमित रूप से गीता का या गीता के श्लोकों का पाठ करते हैं, वे भगवान की कृपा प्राप्त करते हैं। गीता पाठ के साथ ही इस ग्रंथ में दी गई शिक्षाओं का पालन भी दैनिक जीवन में करना चाहिए। जो भी शुभ काम करें, भगवान का ध्यान करते हुए करें, सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।



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